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                <title>bjp - Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                <title>राहुल गांधी पार्ट टाइम राजनेता हैं: नितिन नवीन</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BJP4India X account
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76740/rahul-gandhi-is-a-part-time-politician-nitin-naveen"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/nitin-nabin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वारंगल/दक्षिण भारत। </strong>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को तेलंगाना के वारंगल में पार्टी के बूथ अध्यक्षों की बैठक को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तेलंगाना से भाजपा का रिश्ता संघर्षों का रहा है। ऐसा रिश्ता, जो यहां की जनता के विश्वास के साथ है। तेलंगाना की जनता ने सन् 1984 में यहां से भारतीय जनता पार्टी को पहला सांसद दिया था। इसके लिए मैं तेलंगाना की जनता को मैं हमेशा नमन करता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">नितिन नवीन ने कहा कि तेलंगाना की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं के संघर्ष के बल पर सन् 2028 में हम तेलंगाना में भी डबल इंजन की सरकार बनाएंगे। यह हमारा संकल्प है। हम तेलंगाना को एक ऐसी सरकार देंगे, जो राष्ट्रवाद के विचारों पर खड़ी होगी और जिसकी जड़ें भारतीय संस्कृति से जुड़ी होंगी, जो यहां विकास का एक नया आयाम देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नितिन नवीन ने कहा कि परिवारवादी पार्टियों के चक्कर में तेलंगाना के लोगों का सपना खो गया है। इसलिए हम तेलंगाना के लोगों का सपना पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जो सेवा के माध्यम से सत्ता प्राप्त करती है। सत्ता हमारे लिए जनसेवा का माध्यम है। इसलिए तेलंगाना में भी हर बूथ पर हमें कमल खिलाना होगा और तेलंगाना को विकास के रास्ते पर लाना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">नितिन नवीन ने कहा कि राहुल गांधी पार्ट टाइम राजनेता हैं, जबकि भाजपा का हर कार्यकर्ता जनसेवा के लिए फुल-टाइम राजनीति करता है। अगर 24 घंटे कार्य करने वाला कार्यकर्ता किसी पार्टी के पास है, तो वह भाजपा के पास है।</p>
<p style="text-align:justify;">नितिन नवीन ने कहा कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार को सिर्फ अपने परिवार की चिंता है। इन्हें जनता की कोई चिंता नहीं है। कांग्रेस की सरकार का पुराना मॉडल है- वादा करो, लेकिन कभी निभाना नहीं। कांग्रेस सरकार की पहचान है- वादा करो और भूल जाओ।</p>
<p style="text-align:justify;">नितिन नवीन ने कहा कि आज मैं तेलंगाना के युवाओं, किसानों और महिलाओं को भरोसा दिलाने आया हूं कि भाजपा की सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आपके लिए काम करती है, जनता के लिए काम करती है। आने वाले समय में, आपके संघर्षों के साथ भाजपा यहां डबल इंजन की सरकार बनाएगी और तेलंगाना की जनता के हर सपने को पूरा करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नितिन नवीन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज अपने साथियों के माध्यम से स्पष्ट रूप से कहती है कि हमारी पहचान परिवारवादियों की नहीं है। हम राष्ट्रवाद के विषय पर विश्वास करते हैं। हम तुष्टीकरण पर नहीं, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास पर विश्वास करते हैं। हम वोटबैंक की नहीं, विकास की राजनीति पर विश्वास करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>तेलंगाना</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 18:15:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिद्दरामय्या ने भाजपा पर तानाशाही को बढ़ावा देने का आरोप लगाया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @siddaramaiah X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76733/siddaramaiah-accused-bjp-of-promoting-dictatorship"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/siddaramaiah.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मैसूरु/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरामय्या ने रविवार को मैसूरु में एसआईआर जागरूकता अभियान के दौरान भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने पार्टी पर लोकतंत्र या संविधान में भरोसा न करने और तानाशाही को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।</p>
<p style="text-align:justify;">सभा को संबोधित करते हुए सिद्दरामय्या ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के बजाय तानाशाही पर आधारित है। उन्होंने दावा किया, 'वे पिछले दरवाज़े से सत्ता में आए। आप जानते हैं क्यों? क्योंकि उन्हें लोकतंत्र और बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान में कोई भरोसा नहीं है। अगर लोकतंत्र या संविधान का कोई विरोधी है, तो वे भाजपा के सदस्य ही हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। साल 1950 में निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था और साल 1952 में पहला आम चुनाव हुआ था। तब से आयोग समय-समय पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण करता आया है, लेकिन पात्र मतदाताओं के नाम हटाने का अधिकार आयोग के पास नहीं है। आयोग को संविधान के अनुरूप ही कार्य करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि हाल के वर्षों में, विशेषकर 2014 के बाद, 'मतों के साथ विश्वासघात' किया जा रहा है। लोकतंत्र में केवल वही लोग शासन करने के योग्य हैं जो जनता के बहुमत से चुने गए हों, न कि धोखे से सत्ता में आए लोग।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि देश की 141 करोड़ आबादी में लगभग 96 करोड़ मतदाता हैं। हमारे यहां कई लोग केवल 1,000 से 5,000 वोटों के अंतर से चुनाव जीतते हैं। ऐसे में यदि चार–पांच हजार मत ही हटा दिए जाएं तो हमारी जीत मुश्किल हो जाएगी। इसी कारण पार्टी इतनी बड़ी संख्या में जागरूकता अभियान चला रही है। कांग्रेस को वोट देने वाले गरीबों, किसानों, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के वोट हटाए जा रहे हैं। यही लोग भाजपा का निशाना हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि देश में भाजपा को केवल 36% वोट मिले हैं, जबकि 64% लोगों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। यदि इन 64% में से 10% वोट ही हटा दिए जाएं, तो क्या परिणाम होगा, इसका अनुमान लगाना कठिन नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी के विधायक, नेता और कार्यकर्ता 30 जून से 29 जुलाई तक चलने वाली एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पूरे एक महीने अत्यंत सतर्क होकर काम करें। यह मत भूलिए कि आज देश में संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप काम करने वाला निर्वाचन आयोग नहीं रह गया है। साल 2019 में भाजपा के 303 सांसद जीते थे, लेकिन साल 2024 में उनकी संख्या घटकर 240 रह गई। इसका कारण महंगाई, वादाखिलाफी और बेरोजगारी है। अब वे एसआईआर के माध्यम से इस जनादेश को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि भाजपा वाले संविधान और लोकतंत्र के विरोधी हैं। उन्हें केवल निरंकुश शासन पर विश्वास है। उनकी नीति वन नेशन, वन इलेक्शन है। जो लोग हिंदुत्व की बात करते हैं, क्या उन्होंने जाति और वर्ण व्यवस्था के नाम पर लोगों का शोषण नहीं किया? ... समुदाय को भाजपा के साथ नहीं जाना चाहिए। वे जानते हैं कि यदि सामाजिक न्याय स्थापित हो गया तो शोषण की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी। भाजपा के लोग झूठ गढ़ते हैं, उसे फैलाते हैं और अंततः उसी को सच साबित करने का प्रयास करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि 13 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण हुआ है। हरियाणा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम क्या रहे? केवल केरल में उनकी यह रणनीति सफल नहीं हो सकी। भाजपा दो बार 'ऑपरेशन कमल' के जरिए राज्य में सत्ता में आई। सत्ता में बने रहने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार ने अपने करीबी लोगों को इटली और जर्मनी भेजा था ताकि वे वहां की तानाशाही व्यवस्था का अध्ययन कर सकें। वहीं से उनमें तानाशाही का आकर्षण पैदा हुआ। यदि आप सतर्क नहीं रहे तो वे आपको समाप्त कर देंगे। इसलिए हमारे सभी वर्तमान और पूर्व विधायक, सांसद और चुनाव हार चुके उम्मीदवार भी इस बात को समझें।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि जुलाई का महीना बहुत महत्त्वपूर्ण है। आपको बीएलओ के साथ समन्वय करके उनके साथ घर-घर जाना चाहिए। साथ ही प्रत्येक बूथ पर कम-से-कम दो स्थानीय मतदाताओं को इस कार्य के लिए चुनना चाहिए। जिन्हें भविष्य में विधायक या सांसद बनने की इच्छा है, उन्हें लोकतंत्र, संविधान और देश को बचाने के लिए यह प्रयास करना चाहिए। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की कथित साजिशों को उजागर करना चाहिए। यदि एक बार देश से लोकतंत्र चला गया तो फिर गुलामी का दौर लौट आएगा — इस बात से सावधान रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि ये संघ परिवार के लोग आजादी से पहले किन लोगों के संपर्क में थे, क्या आपको पता है? क्या हेडगेवार और गोलवलकर ने कभी अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी? ये लोग सावरकर का महिमामंडन करते हैं, जबकि वे माफी मांगकर जेल से बाहर आए थे। क्या इनके अनुयायी देश को बचाएंगे? यदि आप जागरूक नहीं रहे तो आपका राजनीतिक भविष्य निश्चित रूप से समाप्त हो जाएगा। मेरा राजनीतिक जीवन अब समाप्ति की ओर है, लेकिन आपको अभी राजनीति में आगे बढ़ना है। इसलिए आने वाले एक महीने तक पूरी सतर्कता बरतनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दरामय्या ने कहा कि आपके पास अभी अवसर है। यदि इस अवसर का उपयोग नहीं किया गया तो गंभीर खतरा पैदा होगा। आपको गणना फॉर्म दिया जाएगा। उसे सही ढंग से भरें और उसकी प्राप्ति की पुष्टि अवश्य लें। यही सबसे महत्त्वपूर्ण है। संविधान और देश को केवल कांग्रेस बचा सकती है। मैं आप सबसे हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि अगले एक महीने तक बाकी सभी काम छोड़कर एसआईआर पर नजर रखें। एक भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए। आपको इसी तरह काम करना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 17:01:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अशोक गहलोत ने कन्हैया लाल हत्याकांड में अभी तक न्याय न मिलने पर सवाल उठाए</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AshokGehlot.Rajasthan FB page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76728/ashok-gehlot-raised-questions-on-not-getting-justice-yet-in"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-04/ashok-gehlot.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर/दक्षिण भारत।</strong> कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि कन्हैया लाल हत्याकांड के चार साल बाद भी न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल किया, लेकिन अब दोषियों को सज़ा दिलाने के मामले में चुप है।</p>
<p>राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि भले ही एनआईए मामले की जांच कर रही है और उसकी विशेष अदालत में सुनवाई चल रही है, लेकिन केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें होने के बावजूद मामले में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अब तक 180 गवाहों में से सिर्फ़ 21 से ही पूछताछ हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह देरी सिर्फ़ लापरवाही नहीं, बल्कि मामले को लंबा खींचने की जानबूझकर की गई कोशिश लगती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा मामले की तेज़ी से सुनवाई सुनिश्चित करने की नहीं है।</p>
<p>गहलोत ने कहा, ‘भाजपा ने इस मुद्दे का चुनावी लाभ उठाया लेकिन पीड़ित परिवार को समय पर न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रही। चुनाव के दौरान पार्टी ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था लेकिन अब आरोपियों को सजा दिलाने के मुद्दे पर पूरी तरह खामोश है।’</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अब राजस्थान के दौरे के दौरान इस मामले का उल्लेख नहीं करते।</p>
<p>कांग्रेस के दिग्गज नेता ने राज्य की जनता से इस मुद्दे पर भाजपा के राजनीतिक रवैये को समझने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने लोगों की भावनाओं के साथ राजनीति की है।</p>
<p>जून 2022 में कन्हैयालाल की उनकी दुकान में घुसकर दो लोगों ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। घटना के समय राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 12:17:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'आपातकाल के दौरान कांग्रेस की गलतियों की वजह से जनसमर्थन कम हुआ'</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76720/public-support-decreased-due-to-congresss-mistakes-during-emergency"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2022-12/congress2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इंफाल/दक्षिण भारत।</strong> मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने गुरुवार को आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस की ओर से की गईं 'गलतियों' के कारण पार्टी का जनसमर्थन कम हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां भाजपा के प्रदेश कार्यालय में ‘संविधान हत्या दिवस’ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए खेमचंद सिंह ने कहा कि अगर लोगों को अपनी राय खुलकर व्यक्त करने का अधिकार नहीं दिया जाए, तो लोकतंत्र जीवित नहीं रह सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, 'आपातकाल के दौरान, कांग्रेस का विरोध करने वाले कई लोगों को जेल में डाल दिया गया था ... उस समय कांग्रेस से जो गलतियां हुईं, उन्हें अब लोग अच्छी तरह समझ गए हैं, जिसके कारण पार्टी को मिलने वाले जनसमर्थन में कमी आई है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 18:18:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ही शिवसेना है, जिसकी कमान शिंदे के हाथ में है: अमित शाह</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BJP4India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76705/there-is-only-one-shiv-sena-whose-command-is-in"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोल्हापुर/दक्षिण भारत।</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला किया। उन्होंने ठाकरे पर कांग्रेस की गोद में बैठने और घुसपैठियों को वोट बैंक में बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में होने वाले संभावित बंटवारे की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा कि पहले लोगों को शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का अलग से ज़िक्र करना पड़ता था, लेकिन 'अब कोई गुट नहीं बचा है, और सिर्फ़ एक ही शिवसेना है, जिसके प्रमुख एकनाथ शिंदे हैं।'<br /> <br />शिवसेना (यूबीटी) संकट का सामना कर रही है, क्योंकि माना जा रहा है कि कम से कम छह लोकसभा सांसदों ने ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी है और उनके सत्ताधारी शिवसेना में शामिल होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने कहा कि आज महाराष्ट्र की इस पवित्र भूमि पर, माता अंबाबाई का निवास स्थान यहां है, इस कोल्हापुर में हम सब एक बहुत अच्छे काम के लिए एकत्र हुए हैं। जहां पर माता अंबाबाई स्वयं सैकड़ों निवास करती है, उस करवीरनगर ने माता अंबाबाई के मंदिर का आज महाराष्ट्र सरकार जीर्णोद्धार और कॉरिडोर निर्माण का काम कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने कहा कि ये प्रभु राम की कृपा है कि साल 2014 में भाजपा सरकार बनी, मोदी प्रधानमंत्री बने और अयोध्या में भव्य राम मंदिर आज अपनी भगवा ध्वजा के साथ खड़ा हुआ है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुनर्निर्माण और सोमनाथ का मंदिर फिर से सोने का बन रहा है, मां कामख्या का कॉरिडोर बन रहा है और अब अंबाबाई का कॉरिडोर बनाने का काम शुरू हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने कहा कि इस संस्कृति का पुनर्जागरण पूरे देश में विकास भी-विरासत भी के मंत्र के तहत हो रहा है। सभी ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ महाराष्ट्र में पुनर्निर्मित हो रहे हैं। यह हम सबके लिए बहुत गौरव का विषय है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने कहा कि अभी-अभी मोदी जी ने एक रिकॉर्ड बनाया है। देश में सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड उन्होंने बनाया है। जब आज़ाद भारत का इतिहास लिखा जाएगा, तब इन 12 वर्षों को भारत के विकास, भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण, सुरक्षित भारत के निर्माण और विश्वभर में भारत के बढ़ते सम्मान के स्वर्णिम काल के रूप में याद किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने कहा कि 12 वर्षों के दौरान मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ से लेकर गंगासागर तक और पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी तथा राजग के विस्तार का कार्य हुआ है। लोग कहा करते थे कि आप देश के हर हिस्से तक पहुंच जाएंगे, लेकिन पश्चिम बंगाल का क्या होगा? पिछले चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने भी भारतीय जनता पार्टी को अपना आशीर्वाद और समर्थन प्रदान किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:31:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आम आदमी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहा है: मल्लिकार्जुन खरगे</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @kharge X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76704/common-man-is-not-able-to-fulfill-even-his-basic"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-07/mallikarjun-kharge1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कांग्रेस ने शनिवार को 'तेज़ी से बढ़ती महंगाई के कारण घटती बचत' को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा दूसरी पार्टियों से 'खरीद-फ़रोख़्त' में व्यस्त है, जबकि आम आदमी के लिए ज़रूरी चीज़ें खरीदना भी मुश्किल हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के 'अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन' के बोझ तले परिवार बर्बाद हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'महंगाई के कारण तेज़ी से घटती बचत, खर्च उठाने में असमर्थता, उम्मीदों का टूटना, असमानता, वैश्विक स्तर पर साख में गिरावट और युवाओं में भारी आक्रोश!'</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/kharge/status/2068171496712016171">https://twitter.com/kharge/status/2068171496712016171</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन के बोझ तले परिवार बर्बाद हो रहे हैं! खुदरा महंगाई - 16 महीने के उच्चतम स्तर पर, खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई - 4.78 प्रतिशत, थालियों से गायब हुए टमाटर।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मेडिकल महंगाई 15 प्रतिशत से ज़्यादा, रुपया तेज़ी से गिर रहा है, विदेशी निवेशक हमसे दूर हो रहे हैं, युवाओं के लिए नौकरी नहीं, बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। भाजपा दूसरी पार्टियों से नेताओं को खरीदने में व्यस्त है, लेकिन आम आदमी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहा है!'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 11:11:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बागी नेताओं का एनसीपीआई में विलय हास्यास्पद: तृणकां</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AITCofficial FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76674/merger-of-rebel-leaders-into-ncpi-is-ridiculous"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-05/tmc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत।</strong> तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तब और तेज़ हो गई जब तृणकां के बागी सांसदों ने 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' यानी एनसीपीआई में विलय करने और राजग को समर्थन देने का ऐलान किया। ममता बनर्जी के खेमे ने इस कदम को बेतुका बताया, जबकि भाजपा ने इसे तृणकां के गहरे संकट का सबूत करार दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ तृणकां सांसद सौगत रॉय ने बागी नेताओं के 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' में विलय करने के फैसले का मज़ाक उड़ाया। उन्होंने इस कदम की राजनीतिक अहमियत और मतदाताओं के सामने इसे सही ठहराने की बागियों की क्षमता, दोनों पर सवाल उठाए।</p>
<p style="text-align:justify;">रॉय ने कहा, 'जिस पार्टी के चुनाव चिह्न पर आप चुने गए, उसी पार्टी से धोखा करने के बाद आप अपने मतदाताओं का सामना कैसे करेंगे? यह विलय बेतुका है। एनसीपीआई को कौन जानता है? क्या वे अपने चुनाव क्षेत्रों में जाकर लोगों को बता सकते हैं कि वे अब एनसीपीआई का हिस्सा हैं? यह विलय उन गद्दारों की हताशा को दिखाता है जो अपने भाजपा आकाओं को खुश करना चाहते हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">यह आरोप लगाते हुए कि इस कदम को भाजपा का परोक्ष समर्थन हासिल था, रॉय ने कहा कि बागी सांसदों ने एनसीपीआई का रास्ता इसलिए चुना क्योंकि संसदीय नियम किसी मौजूदा पार्टी के भीतर एक अलग गुट को मान्यता देने की इजाज़त नहीं देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'इसीलिए उन्होंने भाजपा के सीधे समर्थन से यह रास्ता अपनाया। यह बेतुका है। जनता का समर्थन ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणकां के साथ ही रहेगा, न कि गद्दारों के साथ।'</p>
<p style="text-align:justify;">यह टिप्पणी तब आई जब तृणकां के बागी सांसदों ने एनसीपीआई के साथ विलय की घोषणा के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और सदन में बैठने की अलग व्यवस्था की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">बागी गुट ने दावा किया कि 20 सांसदों — जो पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों की संख्या का दो-तिहाई से ज़्यादा है — ने इस कदम का समर्थन किया है और वे संसद में राजग का साथ देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने लोकसभा अध्यक्ष के सामने बागी गुट के दावे को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि संविधान और दलबदल विरोधी कानून किसी राजनीतिक पार्टी के भीतर एक अलग गुट को मान्यता देने की इजाज़त नहीं देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 10:48:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश नीति के मामलों में भारतीयों की ज़िंदगी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: खरगे</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76669/lives-of-indians-cannot-be-ignored-in-matters-of-foreign"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/mallikarjun-kharge.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को तीन भारतीय नाविकों की हत्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'चुप्पी' को लेकर उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस बात का कोई सबूत नहीं चाहिए कि उन्होंने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और संप्रभुता को 'कमज़ोर' किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि भारत के राष्ट्रीय हितों से रोज़ाना समझौता किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने एक्स पर कहा, 'ओमान में अमेरिकी कार्रवाई में मारे गए भारतीय नाविकों के शव भारत पहुंच रहे हैं। ऐसे में, मैं भी देश के साथ मिलकर इन तीन भारतीय नाविकों की मौत पर शोक व्यक्त करता हूं।'</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने कहा, 'इस दु:खद घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोई सार्वजनिक बयान या शोक संदेश तक नहीं आया है। देश को इसका इंतज़ार था, मोदीजी।'</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने कहा, 'आपने 'देश नहीं झुकने दूंगा' की बात कही थी, लेकिन अब इस बात का कोई सबूत नहीं चाहिए कि आपने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और संप्रभुता को कमज़ोर किया है।'</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने कहा, 'भारत तब 'विश्वगुरु' हुआ करता था जब उसने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी और गुटनिरपेक्षता की नीति का पालन किया। जब पिछली सभी सरकारों ने बिना झुके इस सुसंगत नीति का पालन किया, तो दुनिया ने हमारी बात सुनी।'</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने कहा, 'विदेश नीति के मामलों में भारतीयों की ज़िंदगी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। ऐसे समय में जब गंभीर सवाल बिना जवाब के हैं, तो चुप्पी जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकती। देश को स्पष्टता मिलनी चाहिए और परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 14:56:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी का तरीका इंडि गठबंधन को मज़बूत नहीं करता: पी विजयन</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PinarayiVijayan FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76664/rahul-gandhis-style-does-not-strengthen-india-alliance-p-vijayan"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-12/pinarayi-vijayan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोझिकोड/दक्षिण भारत।</strong> केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पी विजयन ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उनका राजनीतिक तरीका इंडि गठबंधन को मज़बूत नहीं करता और अक्सर इससे भाजपा को ही फ़ायदा पहुंचता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इंडि गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी की उस कथित टिप्पणी के बारे में पूछे गए सवाल पर कि वे केरल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण विजयन को गले नहीं लगाएंगे, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि कौन किसे गले लगाता है।<br /> <br />विजयन ने कहा, 'लेकिन हम सबने राहुल गांधी को नरेंद्र मोदी को गले लगाते हुए तस्वीर देखी। मेरा विरोध मोदी को गले लगाने की क्रिया से नहीं है। बल्कि उनकी बातों से एक खास राजनीतिक संदेश मिलता है। इससे राहुल गांधी का नज़रिया और इंडि गठबंधन के बारे में उनकी सोच का पता चलता है।'</p>
<p style="text-align:justify;">सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले पर विस्तार से चर्चा की ज़रूरत है और वे अभी इस पर ज़्यादा बात नहीं करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इंडि गठबंधन आज एक खास मुकाम पर पहुंच गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'सिर्फ़ हम नहीं, बल्कि अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं और कांग्रेस के अलावा अन्य प्रमुख पार्टियों ने भी बैठक के दौरान आपत्ति जताई और कांग्रेस के रुख़ के ख़िलाफ़ बात की।' उन्होंने आगे कहा कि लोग देख सकते हैं कि द्रमुक अब किस स्थिति में है।</p>
<p style="text-align:justify;">विजयन ने कहा, 'मौजूदा हालात कांग्रेस के रवैए, ख़ासकर राहुल गांधी के रवैए की वजह से बने हैं। सच तो यह है कि इस रवैए से इंडि गठबंधन मज़बूत नहीं होता। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, इससे अक्सर भाजपा को ही फ़ायदा पहुंचता है। ऐसे कामों से राहुल गांधी ऐसी स्थिति बना रहे हैं जिसमें वे असल में भाजपा के हितों को ही आगे बढ़ा रहे हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान, विजयन और राहुल गांधी दोनों ने अपने भाषणों में एक-दूसरे पर निशाना साधा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>केरल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:04:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>आर अशोक ने शिवकुमार को 'ताकतवर लॉबी, ठेकेदारों और कचरा माफिया का कमीशन एजेंट' बताया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: RAshokaBJP FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76660/r-ashok-called-shivkumar-a-commission-agent-of-powerful-lobby"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/r-ashoka.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर निशाना साधते हुए, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को उन्हें 'ताकतवर लॉबी, ठेकेदारों और कचरा माफिया का कमीशन एजेंट' बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा नेता, शिवकुमार के उस आरोप का जवाब दे रहे थे जिसमें कहा गया था कि बेंगलूरु में कथित '39,000 करोड़ रुपए के कचरा प्रोसेसिंग घोटाले' में सत्ताधारी कांग्रेस पर 10,000 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाकर अशोक 'कचरा माफिया' के एजेंट की तरह बात कर रहे थे।<br /> <br />विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि अगर उनमें ज़रा भी पारदर्शिता बची है, तो वे कचरा टेंडर विवाद की जांच के लिए बनाई गई हाई-लेवल कमेटी की रिपोर्ट जारी करें।</p>
<p style="text-align:justify;">अशोक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, 'डीके शिवकुमार, हां, मैं एक एजेंट के तौर पर बात कर रहा हूं। लेकिन आपकी तरह, मैं ताकतवर लॉबी, ठेकेदारों या कचरा माफिया का कमीशन एजेंट नहीं हूं। मैं जनता का एजेंट हूं – 7.5 करोड़ कन्नड़िगा और बेंगलूरु के 1.5 करोड़ नागरिकों की आवाज़, जिन्हें आपकी सरकार के भ्रष्टाचार, अक्षमता और कुशासन की कीमत चुकानी पड़ रही है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'विपक्ष के नेता के तौर पर घोटालों का पर्दाफ़ाश करना, संदिग्ध टेंडरों पर सवाल उठाना और सरकार को जवाबदेह ठहराना कोई विशेषाधिकार नहीं है – यह मेरा संवैधानिक कर्तव्य है। ऐसा करने के लिए मुझे किसी की अनुमति की ज़रूरत नहीं है।'</p>
<p style="text-align:justify;">अशोक ने कहा कि सालों की लॉबिंग, गुज़ारिश और कांग्रेस आलाकमान के दरवाज़े पर इंतज़ार करने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने पर, यह एहसास होना निराशाजनक हो सकता है कि कर्नाटक की जनता उन्हें 'हनीमून पीरियड' (शुरुआती राहत का समय) भी देने को तैयार नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने शिवकुमार से कहा, 'लेकिन विपक्ष पर उंगली उठाने से पहले शायद आपको अपनी पार्टी के भीतर देखना चाहिए। जब ​​आपके अपने विधायक खुलकर असंतोष ज़ाहिर करते हैं, शिकायतें लेकर दिल्ली भागते हैं और सार्वजनिक रूप से आपके नेतृत्व पर सवाल उठाते हैं, तो साफ़ है कि समस्या विपक्ष की नहीं है।'<br /> <br />विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री के उस दावे को कर्नाटक में हाल के समय का सबसे बड़ा राजनीतिक मज़ाक बताया, जिसमें कहा गया था कि विपक्ष, सरकार की पारदर्शिता और कामकाज को बर्दाश्त नहीं कर सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:09:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>तृणकां को एक और झटका, इस राज्यसभा सांसद ने पार्टी और उच्च सदन से दिया इस्तीफ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AITCofficial FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76654/another-blow-to-tmc-this-rajya-sabha-mp-resigned-from"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-05/tmc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने गुरुवार को उच्च सदन और पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह फ़ैसला पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा भाजपा को दिए गए जनादेश को ध्यान में रखते हुए लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के बाद, बराइक इस हफ़्ते पार्टी छोड़ने वाले तीसरे तृणकां सांसद हैं। सूत्रों के मुताबिक, बराइक ने राज्यसभा अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में भाजपा नेता निशिकांत दुबे के घर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए बराइक ने कहा, 'पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को अपना जनादेश दिया है। तृणकां नहीं जीती। पश्चिम बंगाल की जनता के जनादेश को देखते हुए, मैं पार्टी से इस्तीफ़ा दे रहा हूं।'</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल के सांसद ने अपने इस्तीफ़े के पत्र में लिखा, 'मैं इसके ज़रिए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देता हूं, जिसे कृपया तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सहयोग के लिए राज्यसभा सचिवालय के चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन और अधिकारियों का भी धन्यवाद किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल के आदिवासी नेता बराइक, उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण पर संसदीय स्थायी समिति और आदिवासी मामलों पर सलाहकार समिति के सदस्य के तौर पर काम कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">तृणमूल कांग्रेस से कई लोगों के पार्टी छोड़ने के सिलसिले के बीच उनका इस्तीफ़ा आया है। सोमवार को राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने उच्च सदन से इस्तीफ़ा दे दिया और इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों का हवाला देते हुए तृणमूल कांग्रेस छोड़ने का फ़ैसला भी घोषित कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी बुधवार को संसद और पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया। बाद में देव ने नई दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाक़ात की, जिससे भविष्य की राजनीतिक योजना को लेकर अटकलें तेज़ हो गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">बराइक के इस्तीफ़े के साथ, तृणमूल कांग्रेस ने इस हफ़्ते अपने तीन राज्यसभा सदस्य खो दिए हैं, जिससे ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी को एक और झटका लगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार और पार्टी के भीतर हुई बगावत के कारण तृणकां संकट का सामना कर रही है। इन घटनाओं ने पार्टी की संगठनात्मक और विधायी ताकत को काफी कमज़ोर कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 12:38:02 +0530</pubDate>
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                <title>मोदी के साथ रिश्ते राज्यसभा सीट से ज़्यादा अहम हैं: एचडी देवेगौड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BJP4India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76649/hd-deve-gowdas-relations-with-modi-are-more-important-than"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-01/deve-gowda.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके रिश्ते का राज्यसभा सीट से कोई लेना-देना नहीं है और यह रिश्ता बना रहेगा, चाहे वे उच्च सदन के सदस्य रहें या न रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">जद (एस) प्रमुख ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच का रिश्ता पिछले एक दशक में बने निजी जुड़ाव जैसा था।<br /> <br />गौड़ा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस ने जद (एस) की सहयोगी भाजपा की आलोचना की है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री को दोबारा राज्यसभा के लिए नॉमिनेट करने के बजाय उच्च सदन के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार को नॉमिनेट किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:09:55 +0530</pubDate>
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