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                <title>middle class - Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                <title>आम आदमी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहा है: मल्लिकार्जुन खरगे</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @kharge X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76704/common-man-is-not-able-to-fulfill-even-his-basic"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-07/mallikarjun-kharge1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कांग्रेस ने शनिवार को 'तेज़ी से बढ़ती महंगाई के कारण घटती बचत' को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा दूसरी पार्टियों से 'खरीद-फ़रोख़्त' में व्यस्त है, जबकि आम आदमी के लिए ज़रूरी चीज़ें खरीदना भी मुश्किल हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के 'अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन' के बोझ तले परिवार बर्बाद हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'महंगाई के कारण तेज़ी से घटती बचत, खर्च उठाने में असमर्थता, उम्मीदों का टूटना, असमानता, वैश्विक स्तर पर साख में गिरावट और युवाओं में भारी आक्रोश!'</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/kharge/status/2068171496712016171">https://twitter.com/kharge/status/2068171496712016171</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन के बोझ तले परिवार बर्बाद हो रहे हैं! खुदरा महंगाई - 16 महीने के उच्चतम स्तर पर, खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई - 4.78 प्रतिशत, थालियों से गायब हुए टमाटर।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मेडिकल महंगाई 15 प्रतिशत से ज़्यादा, रुपया तेज़ी से गिर रहा है, विदेशी निवेशक हमसे दूर हो रहे हैं, युवाओं के लिए नौकरी नहीं, बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। भाजपा दूसरी पार्टियों से नेताओं को खरीदने में व्यस्त है, लेकिन आम आदमी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहा है!'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 11:11:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा- 'आपके कार्यकाल के दौरान भारत में बड़े बदलाव हुए'</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: President of India X Account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76648/president-wrote-a-letter-to-the-prime-minister-major"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-01/president-murmu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर एक अहम मुकाम हासिल करने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान देश ने राष्ट्रीय जीवन के हर पहलू में बड़े बदलाव देखे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में मुर्मू ने कहा कि चाहे गरीबों का कल्याण हो, सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा हो, किसानों को सशक्त बनाना हो या मध्यम और नव-मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा करना हो। उन्होंने कहा कि आपकी समावेशी सोच और कार्यों ने लाखों लोगों का जीवन बदल दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुर्मू ने कहा, 'हमारे समाज के वंचित वर्गों के प्रति आपकी करुणा और 'अंत्योदय' — यानी कतार में सबसे आखिरी व्यक्ति के उत्थान — के आदर्श के लिए आपकी प्रतिबद्धता ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। यह न केवल एक नीतिगत कदम था, बल्कि भारत के सबसे कमज़ोर नागरिकों के प्रति आपकी गहरी संवेदनशीलता को भी दर्शाता था।'</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने कहा कि यह उपलब्धि केवल सार्वजनिक पद पर सबसे लंबे समय तक रहने की बात नहीं है, बल्कि लगातार चुनावों में मोदी के नेतृत्व में लोगों के भरोसे की पुष्टि भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुर्मू ने लिखा, 'हमारे देश जैसे विशाल, विविधतापूर्ण और जीवंत राष्ट्र में, जनता का भरोसा किसी नागरिक को मिलने वाले सबसे बड़े सम्मानों में से एक है। इतने वर्षों में आप पर बार-बार जताया गया यह भरोसा हमारे गणतंत्र की लोकतांत्रिक यात्रा के एक शानदार अध्याय का प्रमाण है।'</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में उन्होंने कई सरकारी नीतियों और अभियानों का ज़िक्र किया, ख़ासकर 'जन भागीदारी' और वित्तीय समावेशन के नज़रिए का।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में कहा गया है, 'भारत ने राष्ट्रीय जीवन के हर पहलू में बड़े बदलाव देखे हैं। वित्तीय समावेश की कोशिशों से करोड़ों लोग औपचारिक आर्थिक व्यवस्था से जुड़े हैं - और इस प्रयास में बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों का शामिल होना और भी खुशी की बात है। आज, भारत की 'नारी शक्ति' न केवल देश की विकास यात्रा में बराबरी की भागीदार बन रही है, बल्कि उसका नेतृत्व भी कर रही है; यह 'महिला-नेतृत्व वाले विकास' की सच्ची मिसाल है।'</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने शासन को अधिक पारदर्शी, कुशल, जवाबदेह और सुलभ बनाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल की भी सराहना की।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का तरीका अब ज़्यादा सटीक और असरदार हो गया है। इससे यह पक्का होता है कि विकास का फ़ायदा नागरिकों तक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ पहुंचे, जिससे सरकार के प्रति उनका भरोसा और मज़बूत हुआ है।' उन्होंने मोदी के कार्यकाल की सबसे अहम बात 'नागरिकों और उनके द्वारा चुनी गई सरकार के बीच बदलते रिश्ते' को बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने कहा कि विकास को अब जन-भागीदारी, सम्मान और समान अवसर के सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग अब आर्थिक और सामाजिक प्रगति से दूर रहने के बजाय भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बन गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुर्मू ने 'पीएम-जनमन' योजना का खास तौर पर ज़िक्र किया, जो 'खास तौर पर कमज़ोर आदिवासी समूहों' के लिए है, और साथ ही पूर्वी और पूर्वोत्तर के उन इलाकों में विकास की बात की जहां अब तक सुविधाएं नहीं पहुंच पाईं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 14:36:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>जन्म दर के लिए लोकलुभावन प्रयोग!</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों को मूलभूत सुविधाएं जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76531/populist-experiment-for-birth-rate"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-05/population1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में जन्म दर को बढ़ावा देने के लिए तीसरे और चौथे बच्चे के जन्म पर प्रोत्साहन राशि (क्रमश: 30,000 रुपए और 40,000 रुपए) दिए जाने के संबंध में जो घोषणा की है, उससे एक नई बहस शुरू हो गई है। इस घोषणा से कई सवाल भी पैदा होते हैं। अब तक यह पढ़ने-सुनने को मिलता था कि 'भारत में जनसंख्या बहुत बढ़ गई है, इसलिए किसी तरह इस पर काबू पाएं।' वहीं, आंध्र प्रदेश में अलग ही तस्वीर दिखाई दे रही है। यहां सरकार संतान पैदा करने पर रुपए देगी! पहला सवाल तो यही पैदा होता है कि क्या आंध्र प्रदेश में सच में ऐसी स्थिति आ गई है, जिसके कारण सरकार को आर्थिक प्रोत्साहन की घोषणा करनी पड़ी? जापान, सिंगापुर, स्वीडन, दक्षिण कोरिया जैसे देशों में जन्म दर में भारी गिरावट आने के कारण उनकी सरकारें आर्थिक सहायता कार्यक्रम चला रही हैं, लेकिन ये बहुत समृद्ध देश हैं। वहां नागरिकों को शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन आदि के लिए गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भारत में इन सुविधाओं पर पहले ही काफी दबाव है। ऐसे में और ज्यादा संतानोत्पत्ति को प्रोत्साहन देने का क्या औचित्य है? क्या जो बच्चे जन्म लेंगे, उनके लिए अच्छे सरकारी स्कूल हैं? क्या सरकारी अस्पताल वर्तमान जनसंख्या को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं दे पा रहे हैं? क्या सार्वजनिक परिवहन सेवाएं इतनी बेहतर हो गई हैं कि वे और ज्यादा जनसंख्या का बोझ बर्दाश्त कर सकें? क्या रोजगार देने के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना है? क्या उन बच्चों के लिए साफ पानी, साफ हवा और शुद्ध भोजन है? अगर कोई राज्य सरकार अपने यहां घटती जन्म दर को लेकर सच में चिंतित है तो पहले इन सवालों पर ध्यान दे।</p>
<p style="text-align:justify;">जो लोग इस धरती पर आ चुके हैं, उन्हें मूलभूत सुविधाएं जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। महंगाई ने कई परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे माहौल में कोई दंपति दो बच्चे पाल ले, वही आज बहुत बड़ी बात है। अब कई शहरों में डिंक (डबल इनकम, नो किड्स) का चलन बढ़ता जा रहा है। उन दंपतियों ने यह फैसला रातोंरात नहीं लिया है। राज्य सरकारें अच्छे स्कूल, अस्पताल, आवास और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं दे पाईं, इसलिए वे उनके भरोसे किसी बच्चे को दुनिया में नहीं लाना चाहते। सरकारों को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी। सिर्फ कुछ हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि घोषित कर देने मात्र से कितने लोग इसे गंभीरता से लेंगे? इतनी राशि से तो एक अच्छे स्कूल में पहली कक्षा की फीस नहीं भरी जा सकती। उस बच्चे को पाल-पोसकर बड़ा करने, उसे किसी रोजगार लायक बनाने में बहुत रुपए खर्च होंगे। सरकारें सबसे पहले शिक्षा की ओर ध्यान दें। सरकारी स्कूलों की हालत सुधार दें। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में जनसंख्या के अनुपात में सुविधाएं बढ़ा दें। ये दो काम पूरी ईमानदारी से हो जाएं तो लोगों के सिर से भारी बोझ हट जाए। इसके बाद स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव करना होगा। बच्चों को वह सिखाएं, जो उनके जीवन में काम आए। पांचवीं कक्षा के बाद रोजगार संबंधी जानकारी देना शुरू कर दें। दसवीं कक्षा पास करते-करते हर बच्चे में कामकाज संबंधी समझ पैदा हो जाए। जब वह कॉलेज में पहुंचे तो उसके पास कम-से-कम तीन ऐसे हुनर हों, जिनके जरिए वह अपनी रोटी खुद कमा सके। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने से कहीं ज्यादा आसान होना चाहिए- स्वरोजगार शुरू करना और उसे आगे बढ़ाना। सरकारें बुनियादी ढांचे को इतना मजबूत बना दें कि किसी को पढ़ाई, दवाई और कमाई की चिंता ही न करनी पड़े। इससे जन्म दर को संतुलित और स्थिर रखने में मदद मिलेगी। संतानोत्पत्ति के मामले में शिक्षित वर्ग लोकलुभावन प्रयोगों पर विश्वास नहीं करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 09:21:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय मध्यम वर्ग 'कर आतंकवाद' का शिकार: केजरीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @AamAadmiParty X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/73295/kejriwal-a-victim-of-terrorism-by-taxing-the-indian-middle"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-01/arvind-kejriwal3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मध्यम वर्ग के लिए सात सूत्री ‘घोषणापत्र’ जारी किया। उन्होंने कहा कि भारतीय मध्यम वर्ग 'कर आतंकवाद' का शिकार है। यह वर्ग सरकारों के लिए सिर्फ़ एटीएम बन कर रह गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि मध्यम वर्ग की 50 प्रतिशत से ज़्यादा कमाई सरकार को कर देने में चली जा रही है। 'कर आतंकवाद' देखिए, मध्यम वर्ग ज़िंदा रहते हुए टैक्स तो दे ही रहा है, मरने के बाद भी उसे टैक्स देना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि आज देश में मध्यम वर्ग के लोगों को अपना परिवार चलाने में बहुत मुश्किलें आ रही हैं। इन सभी परेशानियों के कारण ही हर साल लाखों भारतीय देश छोड़कर विदेशों में बस रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के पैसे को जनता पर ख़र्च किया। हमने जनता के कर के पैसों को शिक्षा और स्कूल पर निवेश किया। दिल्ली के गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों को महंगाई की मार से बचाने के लिए आप सरकार ने बिजली-पानी मुफ़्त कर दी। </p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि हमने शानदार मोहल्ला क्लिनिक और अस्पताल बनाए और मुफ़्त इलाज की व्यवस्था की। आने वाले दिनों में हम बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना लेकर आ रहे हैं। यह सब करके क्या हम कोई गुनाह कर रहे हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि अगला बजट मध्यम वर्ग को समर्पित हो। हम मध्यम वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए सड़क से लेकर संसद तक आवाज़ उठाएंगे। संसद में बजट सत्र के दौरान हमारे सांसद मध्यम वर्ग के मुद्दों के लिए आवाज़ बुलंद करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 14:35:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>देश के गरीब और मध्यम वर्ग को महंगे इलाज के बोझ से बाहर निकालकर ही रहूंगा: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @NarendraModi YouTube Channel]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/72654/modi-will-live-only-after-removing-the-poor-and-middle"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-10/narendra-modi10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज पूरा देश धनतेरस और भगवान धनवंतरी की जयंती का पर्व मना रहा है। मैं सभी को धनतेरस और भगवान धनवंतरी की जयंती की बधाई देता हूं। आज के दिन देश में बहुत बड़ी संख्या में लोग अपने घर के लिए कुछ न कुछ नया खरीदते हैं। मैं विशेष रूप से देश के व्यापारी साथियों को बधाई देता हूं। आप सभी को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार की दीपावली ऐतिहासिक है। 500 साल बाद ऐसा अवसर आया है, जब अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर बने उनके मंदिर में भी हजारों दीप जलाएं जाएंगे। एक अद्भुत उत्सव होगा। यह ऐसी दीपावली होगी, जब हमारे राम एक बार फिर अपने घर आए हैं और इस बार यह प्रतीक्षा 14 वर्षों के बाद नहीं, 500 वर्षों बाद पूरी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सबके लिए खुशी की बात है कि आज 150 से ज्यादा देशों में आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। यह प्रमाण है, आयुर्वेद को लेकर बढ़ रहे वैश्विक आकर्षण का, इसका कि नया भारत अपने प्राचीन अनुभवों से विश्व को कितना कुछ दे सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस देश के नागरिक जितने स्वस्थ होंगे, उस देश की प्र​गति की गति भी तेज होगी। इस सोच के साथ अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य नीति के पांच स्तंभ तय किए हैं: प्रिवेंटिव हेल्थकेयर यानी बीमारी होने से पहले का बचाव, समय पर बीमारी की जांच, मुफ्त और सस्ता इलाज, सस्ती दवाइयां, छोटे शहरों में अच्छा इलाज, डॉक्टरों की कमी दूर करना, स्वास्थ्य सेवा में टेक्नॉलॉजी का विस्तार।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था, जब इलाज में लोगों के घर, जमीने, गहने सब बिक जाते थे। गंभीर बीमारी के इलाज का खर्च सुनते ही गरीब की आत्मा कांप जाती थी। पैसे की कमी की वजह से इलाज न करा पाने की बेबसी, बेचारगी गरीब को तोड़ कर रख देती थी। मैं अपने गरीब भाई-बहनोंं को इस बेबसी में नहीं देख सकता था, इसलिए ही 'आयुष्मान भारत' योजना ने जन्म लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय किया, गरीब के 5 लाख रुपये तक के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। देश में लगभग 4 करोड़ गरीबों ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाया है। अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के देश के हर बुजुर्ग को अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा। ऐसे बुजुर्गों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड दिया जाएगा। यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। घर के बुजुर्ग के पास आयुष्मान वय वंदना कार्ड होगा तो परिवार के खर्चे भी कम होंगे, उनकी चिंता भी कम होगी।</p>
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<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव के समय मैंने गारंटी दी थी कि तीसरे कार्यकाल में 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को 'आयुष्मान योजना' के अंतर्गत लाया जाएगा। आज धनवंतरी जयंती के दिन यह गारंटी पूरी हो रही है। मैं दिल्ली और पश्चिम बंगाल के 70 वर्ष से अधिक उम्र के हर बुजुर्ग से क्षमा मांगता हूं कि आपकी सेवा नहीं कर पाऊंगा। मुझे पता तो चलेगा कि आपको कष्ट है, लेकिन मैं आपकी सहायता नहीं कर पाऊंगा, ​क्योंकि अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण दिल्ली और पश्चिम बंगाल की सरकारें 'आयुष्मान भारत योजना' से जुड़ नहीं रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जानलेवा बीमारियों से रोकथाम के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान चला रही है। इससे न सिर्फ गर्भवती महिलाओं की जिंदगी बच रही है, नवजात शिशुओं का जीवन बच रहा है, बल्कि वो गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से भी बच रहे हैं। मैं अपने देश के गरीब और मध्यम वर्ग को महंगे इलाज के बोझ से बाहर निकालकर ही रहूंगा और देश आज इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके भी देशवासियों के पैसे बचा रही है। ईसंजीवनी योजना के तहत अब तक 30 करोड़ लोग मान्य प्रतिष्ठित डॉक्टरों से निशुल्क परामर्श ले चुके हैं, जिससे उनके काफी पैसे बचे हैं। आज हमने यू-विन प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म के साथ ही भारत के पास अपना एक तकनीकी रूप से उन्नत इंटरफ़ेस होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 15:07:58 +0530</pubDate>
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                <title>गरीबों और मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात किया गया: खरगे</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/71950/kharge-betrayed-the-poor-and-middle-class"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-08/kharge.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि पार्टी का ध्यान 'बेलगाम बेरोजगारी' और 'अनियंत्रित मुद्रास्फीति' के ज्वलंत मुद्दों पर है और वह इन समस्याओं के इर्दगिर्द राष्ट्रीय अभियान तैयार करेगी और लोगों के बीच जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे की टिप्पणी ऐसे समय आई, जब उन्होंने पार्टी महासचिवों, राज्य इकाई प्रमुखों और एआईसीसी के राज्य प्रभारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें संगठनात्मक मामलों और चुनाव तैयारियों के लिए राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने यह भी कहा कि सेबी और अडाणी के बीच 'सांठगांठ के चौंकाने वाले खुलासे' की गहन जांच की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'शेयर बाजार में छोटे निवेशकों का पैसा खतरे में नहीं डाला जा सकता। मोदी सरकार को तुरंत सेबी अध्यक्ष का इस्तीफा मांगना चाहिए और इस संबंध में एक जेपीसी का गठन करना चाहिए।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के तहत संविधान पर हमला जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जाति जनगणना लोगों की मांग है। </p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानूनी गारंटी की मांग के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना को खत्म किया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 15:01:06 +0530</pubDate>
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